कोड |
शीर्षक |
तिथि |
25SAT11547 |
क्या कहा खुदकुशी |
25 January 2025 |
25SAT11545 |
इश्क़ा तुम्हारे हुस्न का सद बाब हो गया |
25 January 2025 |
25SAT11543 |
मेरे हुसैन को पानी नहीं दिया तूने |
25 January 2025 |
25SAT11541 |
जो चमक तुझमें है |
25 January 2025 |
24SAT10934 |
जिनको ताहा कभी यासीन पुकारा रब ने। |
05 October 2024 |
24SAT10932 |
जो चाहते हो मुझे बताओ हर एक रिश्ते का प्यार दूँगी। |
05 October 2024 |
24SAT10928 |
उठती नहीं है ज़िंदगी कैसे उठाएँ यार। |
05 October 2024 |
24SAT10923 |
अर्श लगता था कभी अब तो ज़मीं लगता है। |
05 October 2024 |
24SAT10921 |
देख रानी तू भी किरदार से हट सकती है। |
05 October 2024 |
24SAT10911 |
उससे कहना वो मेरे पास न आए जाए। |
05 October 2024 |
24SAT10909 |
जब भी मिलता है यही बात कहा करता है। |
05 October 2024 |
24SAT10903 |
लज़्ज़ते लम्स से आशना नइँ हुए। |
05 October 2024 |
24SAT10901 |
हिज्र है दर्द है उदासी है। |
05 October 2024 |
24SAT10899 |
हम ऐसे बच्चे, जवान बच्चे ये बचपने से ही रट रहे हैं। |
05 October 2024 |
24SUN10881 |
क्या बताऊँ किस तरह यारम सुकूँ तक खा गया। |
29 September 2024 |
24SUN10879 |
तुम्हारी जब भी कभी ग़म से दोस्ती होगी। |
29 September 2024 |
24SUN10871 |
तुम्हें जब ख़ुद से बरहम देखते हैं। |
29 September 2024 |
24SUN10867 |
कुछ लोगों को ये लगता है मैंने उनसे यारी की। |
29 September 2024 |
24SUN10865 |
ग़म को जो बेवफ़ा समझते हैं। |
29 September 2024 |
24SUN10862 |
दर्द को वक़्त से बेहतर नहीं होने देंगे। |
29 September 2024 |
24SUN10860 |
कहने को बस यार निभाई जाती है। |
29 September 2024 |
24SUN10858 |
बात ही बात में जिस बात से टाला है मुझे। |
29 September 2024 |
24SUN10856 |
हुस्न मेरा ज़अ्फ़ की फेहरिस्त में आ जाएगा। |
29 September 2024 |
24SUN10854 |
वहशत भरे मकान में गूँजी सदाए इश्क़। |
29 September 2024 |
24SUN10837 |
दर्द के खूँ की तरफ़ बढ़ते क़दम झेलते हैं। |
22 September 2024 |
24SUN10835 |
रंज वहशत में फँसी ज़ात का मतलब समझे। |
22 September 2024 |
24SUN10832 |
ज़ख्म दर ज़ख़्म मेरे चेहरे पे पेवस्ता है। |
22 September 2024 |
24SUN10829 |
(नात) न जाने कितना अरसा है समुंदर पार जाने में। |
22 September 2024 |
24SUN10827 |
ज़हनी अज़ीयतों से तो दो चार मत करो। |
22 September 2024 |
24SUN10825 |
साँसों के तवस्सुत से क़ज़ा लूट रहे हैं। |
22 September 2024 |
24SUN10823 |
ख़्वाहिशें हक़ीक़त का रूप धार कर ख़ुश हैं। |
22 September 2024 |
24SUN10816 |
दर से ठुकराने की भी जानियाँ हद होती है। |
22 September 2024 |
24SUN10810 |
शुक्र की लब पे मेरे इसलिए आयत होती। |
22 September 2024 |
24SUN10794 |
ये दुश्मन यूँ ही फेमस हैं अज़ीयत यार देते हैं। |
22 September 2024 |
24SUN10792 |
अगर तुम अपनी मर्ज़ी अपना चाहा कर नहीं सकते। |
22 September 2024 |
24SUN10777 |
क्यों साफ़ नहीं कहते कि क्या देख रहा है। |
22 September 2024 |
24SAT10648 |
न ही वो ज़ह्न से निकले न ही सहा जाए। |
24 August 2024 |
24SAT10644 |
मेरे रिस्ते हुए ज़ख़्मों ने कफ़न थाम लिया। |
24 August 2024 |
24SAT10641 |
खुश्बू की तरह जिस्म में तहलील हुआ था। |
24 August 2024 |
24SAT10639 |
चमन में फ़िर बहार आई, गुलों में फ़िर निखार आया। |
24 August 2024 |
24SAT10637 |
वेहशतें बख़्त का हासिल थीं मज़ा आता था। |
24 August 2024 |
24SAT10635 |
शबे ग़म की तवालत हाए तौबा। |
24 August 2024 |
24SAT10633 |
जाओ ऊँचे दिमाग़ देखे हैं। |
24 August 2024 |
24SAT10631 |
ख़ुदा के हाथ है तेरा नसीब शहज़ादे। |
24 August 2024 |
24SAT10629 |
ज़ह्र के जैसी मुझे उसकी हँसी लगती है। |
24 August 2024 |
24SAT10627 |
ज़िंदगी तेरे मुक़ाबिल में उतारे जाएँ। |
24 August 2024 |
24SAT10625 |
वहशते ग़म से मिला दिल तो सुकूँ हार गया। |
24 August 2024 |
24SAT10623 |
तेरी वहशत को ज़्यादा क्यों करें हम। |
24 August 2024 |
24SAT10621 |
पल में तोला पल में माशा यारा होना पड़ता है। |
24 August 2024 |
24SAT10619 |
वो तो हम हैं बज़द ज़ोया के होंटों को हँसाने में। |
24 August 2024 |
24SAT10617 |
शे`र वहशत के सुनाएँगे चले जाएँगे। |
24 August 2024 |
24SAT10615 |
ख़ुशबू की तरह जिस्म में तहलील तो मत हो। |
24 August 2024 |
24SAT10612 |
इस क़दर मुझपे अज़ीयत का करम होता है। |
24 August 2024 |
24SAT10610 |
हँसते चेहरे पे अज़ीयत के निशाँ जानता था। |
24 August 2024 |
24SAT10609 |
जिसका होना मेरे होने को जिला बख़्शता है |
24 August 2024 |
24SAT10607 |
कहानी में कैसा ये मोड़ आ गया है। |
24 August 2024 |
24SAT10605 |
मेरी उलझी हुई क़िस्मत का दम भरने नहीं आना। |
24 August 2024 |
24SAT10603 |
जुगनू के मुक़द्दर में सितारे नहीं होते। |
24 August 2024 |
24SAT10601 |
किसी और रास्ते पे जो चल पड़ेंगे |
24 August 2024 |
24SAT10599 |
ग़ैर मुम्किन है मेरे यार |
24 August 2024 |
24SUN10596 |
जफ़ाओं के बदले वफ़ा माँगते हैं। |
18 August 2024 |
24SUN10594 |
दिल में है उदासी कुछ |
18 August 2024 |
24SUN10593 |
यूँ तन्हा ज़िन्दगी की रह गुज़र अच्छी नहीं लगती |
18 August 2024 |
24SUN10591 |
बहुत परेशाँ हूँ बारिशों से के मेरा आँगन खुला हुआ है। |
18 August 2024 |
24SUN10503 |
हमें तुझको भुलाने में ज़रा सी देर बाक़ी है। |
04 August 2024 |
24SUN10496 |
ख़ार की हो जो रहगुज़र सोचो |
04 August 2024 |
24SUN10491 |
ये नया दर्द जो हर रोज़ जगा देते हो। |
04 August 2024 |
24SUN10489 |
अता माँगती हूँ रज़ा माँगती हूँ |
04 August 2024 |
24SUN10488 |
हाए कितना अज़ाब झेलूँ मैं। |
04 August 2024 |
24SUN10486 |
मैं तेरे प्यार को तकरार समझ बैठी थी। |
04 August 2024 |
24SUN10484 |
मुझको तनक़ीद से तलक़ीन से डर लगता है। |
04 August 2024 |
24SUN10482 |
रफ़्ता रफ़्ता खाए क्यों है |
04 August 2024 |
24SUN10480 |
दिल किसी ने चुरा लिया फ़िर से। |
04 August 2024 |
24SUN10471 |
रँग बदलते हुए हालात पे रोना आया। |
04 August 2024 |
24SUN10469 |
तुझको अपनी ख़ुदी समझती हूँ। |
04 August 2024 |
24SUN10466 |
हरदम है जिसका लहजा व उखड़ा मिज़ाज है। |
04 August 2024 |
24SUN10463 |
रक़ीबों से जाके तू गर मिल गया है। |
04 August 2024 |
24SUN10460 |
नज़रों से मेरी दूर था दिल के क़रीब था। |
04 August 2024 |
24SUN10457 |
तेरे हर वार पर मुस्कुराते रहे। |
04 August 2024 |
24SUN10453 |
वो प्यार उल्फ़त हसीन चाहत कभी थी जानाँ पर अब नहीं है। |
04 August 2024 |
24SUN10448 |
मुझसे इक शख़्स वफ़ाओं का सिला माँग रहा था। |
04 August 2024 |
24SUN10445 |
आया था मुझसे मिलने वो ग़मगीन कर गया। |
04 August 2024 |
24SUN10434 |
तुम याद मुझको इस क़दर आते हो किसलिए। |
04 August 2024 |
24SUN10430 |
टूट कर कैसे जुड़ा है उससे बंधन क्या कहें। |
04 August 2024 |
24SUN10426 |
कल रात मेरे साथ जो पहलू नशीन था। |
28 July 2024 |
24SUN10424 |
तेरे बिना ए जाने जाँ कामिल नहीं हूँ मैं। |
28 July 2024 |
24SUN10422 |
तुम मेरे पास जो रहते तो मज़ा और ही था। |
28 July 2024 |
24SUN10420 |
मोहब्बत की रिवायत में जुदा होना ज़रूरी है। |
28 July 2024 |
24SUN10414 |
तुम मुझे चाहे तो हर हाल में पा सकता है। |
28 July 2024 |
24SAT10404 |
ख़ुदा जो करता वो ख़ैर करता ख़ुदा से मुझको गिला नहीं है। |
27 July 2024 |
24SAT10402 |
हज़्फ़ कर बैठे मुझे सब दास्ताने प्यार में। |
27 July 2024 |
24SAT10400 |
तुम्हारी उल्फ़त वफ़ा की खुश्बू बताओ किस पर बिखर रही है। |
27 July 2024 |
24SAT10396 |
चलो जो हो गया वो हो गया अब इसमें रोना क्या। |
27 July 2024 |
24SAT10394 |
मेरी चाहत में मेरी फुर्क़त में, |
27 July 2024 |
24SAT10390 |
कभी ख़्वाहिश जो इस दिल की पुरानी चीख़ पड़ती है। |
27 July 2024 |
24SAT10388 |
अपनी हर शब को इबादत में गुज़ारा कीजे। |
27 July 2024 |
24SAT10384 |
गर मेरा क़ल्ब तेरे जिस्म में पल जाएगा। |
27 July 2024 |
24SAT10382 |
पहले तो फूल के छूने से बिखर जाती थी। |
27 July 2024 |
24FRI10302 |
इक शख़्स मेरे साथ में रहता ज़रूर था। |
05 July 2024 |
24FRI10299 |
इस क़दर उसको क़फ़स से इश्क़ था के वो असीर, |
05 July 2024 |
24FRI10293 |
मिस्ले दुश्मन वो मुझे ग़म के हवाले करके, |
05 July 2024 |
24FRI10291 |
हाए वो हिज्र वो अकेला पन। |
05 July 2024 |
24FRI10287 |
इस दौरे जफा में कोई तो ए काश के मेरे जैसा हो। |
05 July 2024 |
24SUN10276 |
ज़ख्म देते हुए हालात से बाहर ले जा! |
30 June 2024 |
24SUN10272 |
वक़्ते दुनिया पे कुछ अगर लिखना! |
30 June 2024 |
24SUN10266 |
मुझको भी उससे इश्क़ था उल्फ़त गज़ब की थी! |
30 June 2024 |
24SUN10262 |
उसे मुझसे मुहब्बत हो रही है। |
30 June 2024 |
24SUN10258 |
तख़य्युल नम में ढाला जा रहा है। |
30 June 2024 |
24WED10254 |
करूँ कोशिश मगर लब पर हँसी जारी नहीं होती! |
26 June 2024 |
24WED10244 |
रब्बा क्यों वो घड़ी नहीं आई! |
26 June 2024 |
24WED10242 |
इश्क़ से यार बग़ावत नहीं करने वाले! |
26 June 2024 |
24WED10237 |
ग़म के घिरे सहाब से फ़ुर्सत नहीं मिली! |
26 June 2024 |
24WED10232 |
सबका नअम उल बदल नहीं होता! |
26 June 2024 |
24SAT10188 |
ज़िन्दगी से निबाह मुमकिन है! |
01 June 2024 |
24SAT10186 |
मैंने दुनिया में जिसकी चाहत की! |
01 June 2024 |
24SAT10184 |
ग़म की शिद्दत से वो रोते वो बिलकते लम्हे! |
01 June 2024 |
24SAT10182 |
मक्र की ज़िन्दगी नहीं अच्छी! |
01 June 2024 |
24SAT10178 |
खून बन कर मेरी आँखों से निकलता हुआ दुःख! |
01 June 2024 |
24SAT10170 |
उसके लफ़्ज़ों की लताफत में जो ढल जाती हूँ! |
01 June 2024 |
24SAT10168 |
मुझसे मिलते ही मुस्कुराते हो! |
01 June 2024 |
24SAT10165 |
एहसास तो मिलते हैं अंदाज़ नहीं मिलते! |
01 June 2024 |
24SAT10162 |
तू अपने दिल को सँभाल लड़की! |
01 June 2024 |
24SAT10160 |
बाप दस्तार की बेटी से बक़ा माँग रहा! |
01 June 2024 |
24SAT10158 |
मेरी रोती हुई कमसिन सी जवानी का सबब! |
01 June 2024 |
24SAT10155 |
हर इक दर्द हँस के तू सहना सिखा दे! |
01 June 2024 |
24SAT10153 |
इक वो हैं जो जिगर से जाने का सोचते हैं! |
01 June 2024 |
24SAT10150 |
मुझे बचपन का अपने वो ज़माना याद आता है! |
01 June 2024 |
24SAT10148 |
वो जिसको मोहब्बत की तहसीन समझते हैं! |
01 June 2024 |
24SAT10144 |
मैं तुझे हाल अज़ीयत का बताऊँ कैसे! |
01 June 2024 |
24SAT10142 |
अपनों पे जो था मेरा विश्वास मर गया है! |
01 June 2024 |
24SAT10137 |
ग़मों से दोस्ती क्यों कर रही है! |
01 June 2024 |
24SAT10135 |
हर ग़मी और हर कमी इस दिल से रुख़सत हो गई! |
01 June 2024 |
24SAT10131 |
तू जो कह दे तो मैं ख़ारों पे क़दम रख लूँगी! |
01 June 2024 |
24SAT10129 |
आँख से बहते हुए आँसू के क़तरे हाए! |
01 June 2024 |
24SAT10127 |
मेरी दरिया दिली मुबारक हो! |
01 June 2024 |
24SAT10125 |
इक बात बताओगे! |
01 June 2024 |
24SAT10123 |
दर्द, दुःख का दवाम नामुमकिन! |
01 June 2024 |
24SAT10121 |
उल्टे सीधे सवाल करते हो! |
01 June 2024 |
24SAT10119 |
रसूल अल्लाह के सदक़े हमारा मद्दुआ सुन ले! |
01 June 2024 |
24SAT10116 |
कभी आशिक़ कभी मजनू कभी ग़मख़्वार होते हैं! |
01 June 2024 |
24SAT10114 |
उसकी चाहत में ख़यानत नहीं करनी मैंने! |
01 June 2024 |
24FRI10104 |
इश्क़ में पड़ के अज़ीयत का मज़ा चाहता है! |
10 May 2024 |
24FRI10102 |
लब पे ज़ख्मी ये हँसी आँख में पानी क्यों है! |
10 May 2024 |
24FRI10094 |
ख़ून थूकेंगे मुस्कुराएँगे! |
10 May 2024 |
24FRI10091 |
तुझसे गर ये न फासले होते! |
10 May 2024 |
24FRI10089 |
बे सब हाथ में खंजर नहीं होता यारा! |
10 May 2024 |
24SAT10086 |
अगर मुझसे मोहब्बत है तो वापस जा रहे हो क्यों! |
04 May 2024 |
24SAT10084 |
चश्मे ज़ोया में जितना पानी है! |
04 May 2024 |
24SAT10082 |
मैं रंजीदा ग़ज़लों वाली! |
04 May 2024 |
24SAT10080 |
दिलजलों दिल लगी अलालत है! |
04 May 2024 |
24SAT10078 |
ज़िल्लते इश्क़ की यूँ लिक्खी कहानी उसने! |
04 May 2024 |
24SAT10076 |
ज़ख़्मों पर आ गया शबाब ए दोस्त! |
04 May 2024 |
24SAT10074 |
समझ न मुझको तू शाहज़ादी! |
04 May 2024 |
24SAT10072 |
दिल से नफ़रत हटा नहीं सकते! |
04 May 2024 |
24SAT10070 |
दिल जो रुकने का काम करता है! |
04 May 2024 |
24SAT10068 |
रुकना जो नहीं था तो फ़िर आना ही नहीं था! |
04 May 2024 |
24SAT10066 |
तुमको हम दर्द तनावुल नहीं करने वाले! |
04 May 2024 |
24SAT10064 |
कौन कहता है मैं बेचारी हूँ! |
04 May 2024 |
24SAT10062 |
रंजो वेहशत पसंद लड़की हूँ! |
04 May 2024 |
24SAT10060 |
मोहब्बत में ग़मी लाज़िम है ज़ोया! |
04 May 2024 |
24SUN10058 |
क़ल्ब में ख़्वाहिशें मदग़म नहीं करने वाले! |
28 April 2024 |
24SUN10056 |
ज़ख्मों के पुल सिरात पे गुज़रा नहीं गया! |
28 April 2024 |
24SUN10054 |
ओढ़ लिबादा ख़ामोशी का दुनिया में खो जाती हूँ! |
28 April 2024 |
24SUN10052 |
वेहशतों का कमाल है ज़ोया! |
28 April 2024 |
24SUN10050 |
हसीं नज़ारों की ख़ैर होवे! |
28 April 2024 |
24SAT10048 |
अगर मुहब्बत को मेरी कोसा मैं कह रही हूँ मैं लड़ पडूँगी! |
27 April 2024 |
24FRI10046 |
बाद मेरे हँसी ख़ुशी के लिए! |
26 April 2024 |
24FRI10044 |
तकलीफ़ में हूँ कितनी हालात कहूँ किस से! |
26 April 2024 |
24FRI10042 |
झुरमट में सितारों के जब चाँद निकलता है! |
26 April 2024 |
24FRI10038 |
ज़िन्दगी का मौत से यूँ राब्ता हो जाएगा! |
26 April 2024 |
24FRI10036 |
हिज्र की रुत में तड़पती व सिसकती आँखें! |
26 April 2024 |
24FRI09878 |
मोजिज़ाती ज़िन्दगी में मोजिज़ा होना ही था |
15 March 2024 |
24TUE09868 |
इश्क़ को बख़्त के चेहरे से बदल कर ख़ुश हैं! |
12 March 2024 |
24TUE09866 |
बेरंग ज़िन्दगी में हसीं रंग भर गई! |
12 March 2024 |
24TUE09864 |
तुम्हारी वहशत हमारे ऊपर जो पाँच सालों से मुनकशिफ़ है |
12 March 2024 |
24TUE09862 |
उसकी आवाज़ जूँ ही कान से टकराती है! |
12 March 2024 |
24TUE09860 |
अज़ीयत हँस के सहने का हुनर होता है शहज़ादे! |
12 March 2024 |
24TUE09858 |
उसकी आमद से सूखे फूलों का खिलना बनता है! |
12 March 2024 |
24TUE09856 |
हम बुरे लोग हैं, हैं बहुत ही ख़राब! |
12 March 2024 |
24SUN09854 |
तुम मेरी ज़िन्दगी |
10 March 2024 |
24SUN09852 |
उससे पूछो गर्मी, शिद्दत, प्यास, लहू |
10 March 2024 |
24SUN09850 |
हम जैसे क़ैदी लोगों को ज़ंजीर से मतलब होता है! |
10 March 2024 |
24SUN09848 |
न ज़ब्त दिल में न आँखों में आँसुओं का शोर |
10 March 2024 |
24SUN09846 |
ख़ुद से वहशत कशीद कर लेंगे! |
10 March 2024 |
24SUN09844 |
मुझको रिश्ते की अगन दिल से बुझाने मत दो! |
10 March 2024 |
24SUN09841 |
कोई भी रात तेरे ज़िक्र से ख़ाली नहीं जाती! |
10 March 2024 |
24SUN09839 |
मैं कैसे रोके हल्का बोझ करती, |
10 March 2024 |
24FRI09837 |
मेरे मौला मुझे तू दीन की रग़बत अता करदे! |
08 March 2024 |
24FRI09833 |
आँखें दोनों भर आईं थीं जिस्म भी हल्का लरज़ा था! |
08 March 2024 |
24FRI09828 |
मुहब्बत के उसूलों में तक़द्दुस यूँ ज़रूरी है! |
08 March 2024 |
24FRI09825 |
कर्ब की बीन बजाते हुए हालात के दुःख! |
08 March 2024 |
24FRI09822 |
जितनी शिद्दत से तू हर बार किया करता है! |
08 March 2024 |
24TUE09817 |
उसकी तअरीफ़ लिखूँ मैं तो भला कैसे लिखूँ, |
05 March 2024 |
24TUE09814 |
जो तुमने तोहफ़े में दी थी वहशत वो मेरी खुशियाँ निगल रही है! |
05 March 2024 |
24TUE09812 |
आके मेरी मौत पर क्यों रो रहे हो ज़ार ज़ार! |
05 March 2024 |
24TUE09809 |
तू भी बदला वक़्त के संग संग यअनी बस अंदाज़ नहीं! |
05 March 2024 |
24TUE09803 |
न उलझनों से भरी हों रातें न दिल पे ग़म का धमाल होवे! |
05 March 2024 |
24TUE09771 |
अश्क से आँखें हुआ करतीं लबालब साईं! |
27 February 2024 |
24TUE09769 |
अँधेरी रातों में तन्हा रस्ते पे जब चलोगे तो रो पड़ोगे! |
27 February 2024 |
24TUE09765 |
ग़म का पहाड़ सर पे गिरा कर चला गया! |
27 February 2024 |
24TUE09763 |
जैसा जी चाहे वहाँ वैसा ही हो सकता है! |
27 February 2024 |
24TUE09761 |
रौंदे गए जो पैर से उन मक़बरों में हूँ! |
27 February 2024 |
24MON09759 |
शमशीर से लेहजों की न ही तीर से हारे! |
26 February 2024 |
24MON09756 |
अलविदा अलविदा अलविदा अलविदा! |
26 February 2024 |
24MON09754 |
दर्द से ख़ाक डरें दर्द के सौदाई हैं हम! |
26 February 2024 |
24MON09753 |
चैन सीने उतर नहीं सकता! |
26 February 2024 |
24MON09751 |
ज़िन्दगानी का दुःख समझते हो! |
26 February 2024 |
24MON09748 |
ज़िन्दगी ख़ुशनुमा उदासी है! |
26 February 2024 |
24MON09747 |
आसाब पे तारी है थकन और बदन है! |
26 February 2024 |
24MON09744 |
हमारे पहलू में रहने वालों तुम्हें हमारी ख़बर ही कब है! |
26 February 2024 |
24MON09742 |
बदन जो बेच पैसा झेलते हैं! |
26 February 2024 |
24MON09738 |
ये इश्क़ बला ज़ाद है टल क्यों नहीं जाता! |
26 February 2024 |
24MON09734 |
मैं चाहती हूँ इश्क़ का मक़सद ही हल न हो! |
26 February 2024 |
24MON09731 |
के जिस तरह से सुकूँ आदमी को लाज़िम है! |
26 February 2024 |
24MON09728 |
बात बच्चों की तरह मेरी न टाला करते! |
26 February 2024 |
24MON09726 |
हँसते चेहरे पे भी वहशत की अदा चाहते हैं! |
26 February 2024 |
24MON09723 |
इब्तिदा माज़िरत! |
26 February 2024 |
24TUE09702 |
अनकही अनसुनी दुआ से मिले! |
20 February 2024 |
24TUE09692 |
नफ़रत के बाद इश्क़ का दअवा किए बग़ैर! |
20 February 2024 |
24TUE09689 |
लम्हाते वस्ल हिज्र की चौखट पे मार दें! |
20 February 2024 |
24TUE09683 |
सच के बदन पे झूट का पहरा है हद नहीं! |
20 February 2024 |
24TUE09676 |
आएँ बेहतर से बेहतरी की तरफ़! |
20 February 2024 |
24THU09620 |
किसी की यादें किसी के पीछे कई बरस से पड़ी हुई हैं! |
01 February 2024 |
24THU09618 |
हम जैसों के चीख़ से रिश्ते होते हैं! |
01 February 2024 |
24THU09615 |
हमारी खुशियों के बीच `ज़ोया` इक आड़ बन कर खड़ा हुआ है! |
01 February 2024 |
24THU09613 |
हम हिज्र को रिस्ता देख चुके! |
01 February 2024 |
24THU09611 |
सुकून आँखों में मर गया है तमाम सपने भटक चुके हैं! |
01 February 2024 |
24THU09608 |
मेरे आक़ा तुझे देखे से बहुत दिन गुज़रे! |
01 February 2024 |
24THU09606 |
हाथ में डंडा आँख में लाली चेहरे पे लाचारी है! |
01 February 2024 |
24THU09604 |
तन्हाइयों का शोर दिल आज़ारियाँ समझ! |
01 February 2024 |
24THU09600 |
जिगर जब दुःख से आरी हो गया था |
01 February 2024 |
24THU09597 |
तुम मेरा फख़्र मेरा मान बने हो साईं! |
01 February 2024 |
24THU09595 |
जब सब्र इम्तिहान से आगे निकल गया! |
01 February 2024 |
24THU09593 |
हँसी होंटों पे दिल में ख़ामशी थी! |
01 February 2024 |
24THU09589 |
सहूलतें, अक़ीदतें, मुहब्बतें कहाँ गईं! |
01 February 2024 |
24SUN09585 |
इश्क़ को दर्द मुहब्बत को अज़ीयत जाना! |
28 January 2024 |
24SUN09583 |
वो शख़्स मेरी ज़ीस्त है मेरा गुरूर है! |
28 January 2024 |
24SUN09581 |
पतझड़ी रुत में बहारों की दुहाई लाया! |
28 January 2024 |
24SUN09579 |
हमारे चेहरों पे ज़िन्दग़ी का अजब मुअम्मा बना हुआ है! |
28 January 2024 |
24SUN09577 |
इश्क़ बाज़ों से ख़ौफ़ आता था! |
28 January 2024 |
24SAT09575 |
तुम्हारी यादों के ज़ख्म जब भी मुझे मिलेंगे |
27 January 2024 |
24SAT09573 |
गर तू मेरी सोचों में मेरे साथ खड़ा है |
27 January 2024 |
24FRI09569 |
चैन की ज़िन्दगी ख़ुदा हाफ़िज़! |
26 January 2024 |
24FRI09567 |
हमारे बाद तू रिश्ते नहीं निभाएगा |
26 January 2024 |
24FRI09563 |
कभी कभी तो मेरा ज़ख्म खिलखिलाता है |
26 January 2024 |
24FRI09561 |
मेरे दिमाग़ में उलझन की रतजगाई है! |
26 January 2024 |
24FRI09558 |
किस क़दर उलझी हुई है जिंदगानी क्या कहें! |
26 January 2024 |
24MON09426 |
दश्ते ख़िजाँ में क़ैद थीं आसानियाँ मेरी! |
01 January 2024 |
24MON09422 |
टूटी ईंटों का छत की शान का दुःख |
01 January 2024 |
24MON09419 |
बाद तेरे मैं तेरा सोग मना के रोई! |
01 January 2024 |
24MON09416 |
किसी से तो किसी से तो मेरे यारा पता कीजे! |
01 January 2024 |
24MON09414 |
चीख़ता है तो कभी चुप की सज़ा देता है! |
01 January 2024 |
24MON09412 |
कमरे में वेहशतों का बाजा सुनाई दे है! |
01 January 2024 |
24MON09409 |
कौन कहता ख़ुमार है यारा! |
01 January 2024 |
24MON09407 |
खिलते चेहरे पे अज़ीयत को अयाँ रक्खा था! |
01 January 2024 |
24MON09405 |
मेरी ग़ज़लों की बेबसी समझो! |
01 January 2024 |
24MON09403 |
हमारी ग़ज़लों की चंद सतरें हमारे माज़ी की दास्ताँ हैं |
01 January 2024 |
24MON09401 |
मुब्तिलाए सितम कहानी हूँ! |
01 January 2024 |
23THU09399 |
मेरी ज़िंदगी का सवाल है |
28 December 2023 |
23THU09397 |
लेकर के शक्ल दर्द की शेअरों में ढल गए! |
28 December 2023 |
23THU09395 |
दोस्त वेहदत की अगन दिल में जलाए रखना! |
28 December 2023 |
23THU09393 |
काले कपड़े से कई बार लिपट के रोई! |
28 December 2023 |
23THU09391 |
मेरी वेहशता |
28 December 2023 |
23THU09389 |
जिसका चेहरा हसीं अली क़ेसर |
28 December 2023 |
23THU09387 |
शोर करते हुए बच्चों का जवानों का हुजूम |
28 December 2023 |
23THU09385 |
फूलों से अच्छी खासी यारी थी |
28 December 2023 |
23THU09383 |
रफ्ता रफ्ता ज़िन्दग़ी से राब्ता घटता गया |
28 December 2023 |
23WED09381 |
तारीके शब में नूर का जलता दिया थे दोस्त |
27 December 2023 |
23WED09379 |
चंद लम्हों की रिफाक़त |
27 December 2023 |
23WED09377 |
मंज़िल पे अज़ीयत की क़दम रख के मरेंगे |
27 December 2023 |
23WED09375 |
हिज्र की शब |
27 December 2023 |
23WED09373 |
जब दर्द इज़्तिराब से आगे निकल गया |
27 December 2023 |
23WED09370 |
कान्हा के पहलू में |
27 December 2023 |
23WED09367 |
झुक के तुझको मनाते |
27 December 2023 |
23WED09364 |
दर्द वहशत का आइना कब है |
27 December 2023 |
23WED09361 |
सर पे ईमाँ का ताज रख लो |
27 December 2023 |
23WED09358 |
दरूने ज़ात में उलझी डगर थे हम दोनों! |
27 December 2023 |
23SAT09243 |
कहीं कोने में जाला देख लेना! |
02 December 2023 |
23SAT09241 |
दिल अज़ीयत में घिर गया था दोस्त! |
02 December 2023 |
23SAT09238 |
हर गाँव और शह्र में धोका दिखाई दे! |
02 December 2023 |
23SAT09234 |
मुझको प्यार के बदले में प्यार दे |
02 December 2023 |
23SAT09231 |
सीने में उलझनों का जोबन कमाल अस्त! |
02 December 2023 |
23THU09226 |
सर झुका कर के हर इक बात पे राज़ी होना! |
30 November 2023 |
23THU09224 |
तू जो हँसती हुई कभी आए! |
30 November 2023 |
23THU09220 |
हश्र में तेरे मुक़ाबिल में जो लाए जाएँ! |
30 November 2023 |
23THU09218 |
माज़ी की तल्ख़ियों को भुलाना पड़ा मुझे! |
30 November 2023 |
23THU09215 |
खिड़की से जब भी चाँद को देखा करूँगी मैं! |
30 November 2023 |
23THU09213 |
दर्मियाँ जो सरहद की बेड़ियाँ नहीं होतीं! |
30 November 2023 |
23THU09211 |
चाहा है किसे कब क्यों ये सच नहीं बोलूँगी! |
30 November 2023 |
23THU09208 |
कुल जहाँ से उसे हसीं लिखना! |
30 November 2023 |
23THU09205 |
ये तेरा ग़म है जो सीने में मेरे रक्स करे! |
30 November 2023 |
23THU09203 |
ये चाहत कुछ नहीं होती ये उल्फत कुछ नहीं होती! |
30 November 2023 |
23MON09201 |
मुझे गुस्से में माई जब भी वहशत ज़ात कहती थी |
27 November 2023 |
23MON09197 |
प्यार तेरा अगर बिलाली था |
27 November 2023 |
23MON09195 |
अपनी ग़ल्ती का मेरे यार मदावा कर लो! |
27 November 2023 |
23MON09189 |
हसरतें ख़्वाहिशें हर साँस पे वारा करना |
27 November 2023 |
23MON09187 |
मस्कन अज़ीयतों का हूँ वहशत का बाब हूँ! |
27 November 2023 |
23THU09106 |
कर्ब के मरहले समझते हो? |
02 November 2023 |